दोस्त कहते हैं हम बहुत गुमसुम रहते हैं आजकल,
तन्हा रहने की चाह बतलाते हैं आजकल,
िकसी सेे िमलने की तमन्ना नही रही अब,
जब से वो िकसी एक से शुरु हुई मुलाकाते आजकल.
तन्हा रहने की चाह बतलाते हैं आजकल,
िकसी सेे िमलने की तमन्ना नही रही अब,
जब से वो िकसी एक से शुरु हुई मुलाकाते आजकल.