Thursday, July 02, 2009

एक और अर्ज़ है!!!

महबूब के दिल में रहने का मोसम खूब होता है,

कुछ न कह के भी कहने का मोसम खूब होता है,

रास्ता मुश्किल ही सही तन्हा तो नहीं,

हमसफ़र के साथ हर मोसम खूब होता है|

Wednesday, July 01, 2009

मुलायजा फरमाईये!

दिल की ही बात करने से डरता है दिल,

प्यार क्या है पूछो तो क्यों बतलाता है फिर दिल,

मोहब्बत की हदों का एहसास है इसे,

फिर भी क्यों इन हदों से गुज़रता है दिल...

इरशाद!!!

ज़िन्दगी में अभी प्यार आना बाकी है,

बस अब कुछ इंतज़ार बाकी है,

ज़िन्दगी के एसे मोड़ पर,

बस एक इम्तेहान बाकी है|