Thursday, July 02, 2009

एक और अर्ज़ है!!!

महबूब के दिल में रहने का मोसम खूब होता है,

कुछ न कह के भी कहने का मोसम खूब होता है,

रास्ता मुश्किल ही सही तन्हा तो नहीं,

हमसफ़र के साथ हर मोसम खूब होता है|

2 comments:

S A J I T H said...

yeahh its very true....

cheers..

Prit said...

Thanks sajith..for ur comment..thank u..tc