Saturday, December 05, 2015

याद..

गुज़र्ते वक़्त में ये याद ना रहा...

के तुझे भी याद करना था
#प्रिति #शायरी

1 comment:

Anonymous said...


यादे

गुजरते वक्त के साथ याददाश्त जाने लगी
न जाने फिरभी क्यो तुम बार बार याद आते हो
शायद मे ही तुम्ह भूल जाती हू ईसलिये याद आते हो
काश, मै तुम्हे ना भुलतां कभी
ना होता शिकवा याद आने का
जो भूल गये ईसिलेये याद आऐ
साथ रहते तो आबाद होते