दिल की ही बात करने से डरता है दिल,
प्यार क्या है पूछो तो क्यों बतलाता है फिर दिल,
मोहब्बत की हदों का एहसास है इसे,
फिर भी क्यों इन हदों से गुज़रता है दिल...
प्यार क्या है पूछो तो क्यों बतलाता है फिर दिल,
मोहब्बत की हदों का एहसास है इसे,
फिर भी क्यों इन हदों से गुज़रता है दिल...
4 comments:
well said...yeah, it happens tht way at times
loved the last line the most
Thanks viraj...:)
Hello..mihir..thanks for visiting my blog...n thank u very much for ur comment...:)
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